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सरायकेला में छाया छऊ महोत्सव 2026 का रंग, भव्य उद्घाटन के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक उत्सव

By Riya Kumari

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सरायकेला

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सोशल संवाद / डेस्क : सरायकेला में चैत्रपर्व सह छऊ महोत्सव 2026 का भव्य आगाज़, सांसद जोबा माझी ने किया उद्घाटन। जानें खास बातें, कलाकारों की प्रस्तुति और आयोजन की विशेषताएं।

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झारखंड के सरायकेला में आयोजित तीन दिवसीय राजकीय चैत्रपर्व सह छऊ महोत्सव–2026 का शानदार आगाज़ शनिवार को बिरसा मुंडा स्टेडियम में हुआ। इस सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन सिंहभूम की सांसद Joba Majhi ने दीप प्रज्वलित कर किया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल बन गया।

उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में सांसद ने सरायकेला शैली के छऊ नृत्य की विशेषताओं को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस नृत्य की सबसे बड़ी पहचान इसके आकर्षक और कलात्मक मुखौटे हैं, जो कलाकारों की भावनाओं को बिना शब्दों के जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। छऊ नृत्य में संवाद की बजाय अभिव्यक्ति और भाव-भंगिमाओं का विशेष महत्व होता है, जो इसे अन्य नृत्य शैलियों से अलग बनाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यह महोत्सव स्थानीय कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच का काम करता है, जहां वे अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर नई पीढ़ी तक अपनी सांस्कृतिक विरासत पहुंचाते हैं। इस तरह के आयोजन न केवल कलाकारों को पहचान दिलाते हैं, बल्कि लोक कला को जीवित रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

सांसद ने यह भी रेखांकित किया कि सरायकेला छऊ नृत्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में इस वार्षिक महोत्सव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हर साल यह आयोजन देश-विदेश के कला प्रेमियों को आकर्षित करता है और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न नृत्य दलों ने शास्त्रीय और अर्धशास्त्रीय शैलियों में शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर चामी मुर्मू, छूटनी महतो, आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों और छऊ नृत्य प्रेमियों की भागीदारी ने इस महोत्सव को और भी जीवंत बना दिया। सरायकेला का यह महोत्सव एक बार फिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और कला के संगम का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

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