February 24, 2024 12:21 pm

इतिहास का सबसे गर्म साल रहा 2023…..टुकड़ों में आ रहा प्रलय

सोशल संवाद/डेस्क : विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने दुबई में चल रहे COP28 Climate Summit में डराने वाली रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक 2023 मानव इतिहास का सबसे गर्म साल रहा है. इसकी वजह से दुनिया भर में अलग-अलग स्थानों पर प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं. समुद्री जलस्तर और उसका तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है. अंटार्कटिका की समुद्री बर्फ तेजी से पिघल रही है. इन बदलावों की वजह से अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरह की आपदाएं आ रही हैं.

कार्बन डाईऑक्साइड 50% बढ़ गया

प्री-इंड्स्ट्रियल काल (1850-1900) के समय की तुलना में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा 50 फीसदी बढ़ गई है. इसकी वजह से वायुमंडल में गर्मी जमा हो रही है. ज्यादा समय तक CO2 बनने से दुनिया का तापमान बढ़ता है. इससे जमीन, हवा और पानी तीनों गर्म होते हैं. समुद्री जलस्तर 2013-2022 के बीच 1993-2002 की तुलना में दोगुना तेजी से बढ़ा है.

बर्फ की परत तेजी से खत्म हो रही है

अंटार्कटिका में 10 लाख वर्ग किलोमीटर बर्फ पिघल गई. ये फ्रांस और जर्मनी के संयुक्त क्षेत्रफल के बराबर है. उधर अमेरिका और यूरोप के उत्तरी इलाकों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर पिछले दो साल में 10 फीसदी से भी ज्यादा पिघल चुके हैं. आर्कटिक समुद्र में मौजूद बर्फ भी सामान्य स्थिति से नीचे है. वो भी पिघल रही है. 

तीन ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा तेजी से बढ़ी

साल 2023 में तीन तरह के ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा तेजी से बढ़ी है. ये हैं- कार्बन डाईऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड. पिछले साल ये अपने रिकॉर्ड स्तर पर थे. कुछ इलाकों पर रियल टाइम डेटा देखने पर पता चलता है कि ये तीनों गैसे इस साल भी तेजी से बढ़े हैं. यानी अगले साल भी ये इसी तरह से डराते रहेंगे. वजह है बढ़ता तापमान. 

प्राकृतिक आपदाओं का काफिला आता गया

एक्सट्रीम वेदर यानी अनचाही प्राकृतिक आपदा. बिना चेतावनी आने वाली मुसीबत. फ्लैश फ्लड, साइक्लोन, भयानक गर्मी, सूखा और जंगल की आग. साइक्लोन डैनियल ने ग्रीस, बुल्गारिया, तुर्की और लीबिया में तबाही मचाई. फ्रेडी साइक्लोन दुनिया का सबसे लंबा चलने वाला चक्रवाती तूफान रहा. मैडागास्कर, मोजाम्बीक, मलावी में आफत ले आया. 

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