February 23, 2024 5:45 am

झारखंड के तत्वावधान में आदिवासी जमीन की लूट, सीएनटी एक्ट और टीएसी की भूमिका विषय पर एक परिचर्चा का किया गया आयोजन

सोशल संवाद/डेस्क : आदिवासी समन्वय समिति, झारखंड के तत्वावधान में आदिवासी जमीन की लूट, सीएनटी एक्ट और टीएसी (जनजातीय परामर्शदातृ परिषद) की भूमिका विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर आदिवासी समन्वय समिति के संयोजक लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि आदिवासी जमीन को बचाने के लिए आदिवासी समुदाय ने अंग्रेज़ी हुकूमत से लड़कर सीएनटी एक्ट बनवाया था। आदिवासी मुख्यमंत्री और जनजातीय सलाहकार परिषद के हाथों ही सीएनटी एक्ट की मूल अवधारणा को ही खत्म किया जा रहा है। ऐसे ही पहले से भी सीएनटी एक्ट-एसपीटी एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। आदिवासियों की जमीन लूटने में सरकारों से लेकर गैर आदिवासी राजनेता, जमीन माफिया, दलाल, अफसर – कर्मचारी, अपराधी, पुलिस सभी शामिल हैं। वहीं सभी सरकारें संरक्षण देते रहे हैं।

आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा, जबरन दखल, राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा जमीन की दस्तावेजों में छेड़छाड़, फर्जीवाड़ा करके दस्तावेज बनाया जा रहा है। श्री मुंडा ने कहा ने झारखंड जैसे राज्य में जहां अधिकांश जिले पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में हैं। आदिवासियों के संवैधानिक हक-अधिकारों परंपरा- संस्कृति आदि के संरक्षण और विकास के लिए जनजातिय सलाहकार परिषद (TAC) है। लेकिन वास्तविक रुप से टीएसी कितना आदिवासियों के सवालों पर खड़ा हुई है। टीएसी आज सरकार का रबड़ स्टाम्प और मोहरा बना हुआ। टीएसी को भी आज कटघरे में खड़ा करना होगा।

केंद्रीय धूमकुड़िया के अध्यक्ष सुनील टोप्पो ने कहा कि सीएनटी एक्ट थाना क्षेत्र की बाध्यता हटाना का फैसला मुठ्ठी भर  संपन्न आदिवासियों को हितों को पूरा करने के लिए लाया गया है। अगर टीएसी थाना क्षेत्र की बाध्यता हटाकर जमीन खरीद – बिक्री में कोई मापदंड,नियम,शर्तें नही बनाकर लागू किया गया तो इसका विरोध होगा। इनके अलावे आनन्द मुंडा,देवसहाय टुटी,जीतेश्वर मुंडा,सुबोध पुर्ति, विकास तिर्की,डब्लू मुंडा, सुनील होरो, रोपना मुंडा, अशोक मुंडा, बहादुर मुंडा,संजय मुंडा, फूलकुमार मुंडा , देवनाथ मुंडा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। इसकी अध्यक्षता सुनील टोप्पो ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डब्लू मुंडा ने किया।

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