सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के युवा शतरंज खिलाड़ी अधिराज मित्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 36वीं नेशनल अंडर-17 ओपन चेस चैंपियनशिप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। जम्मू में आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अधिराज ने गोल्ड मेडल जीतकर नेशनल अंडर-17 ओपन चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
11 राउंड में 9 अंक, पूरे टूर्नामेंट में रहे अजेय
अधिराज मित्रा ने प्रतियोगिता के 11 राउंड में शानदार 9 अंक अर्जित किए। खास बात यह रही कि पूरे टूर्नामेंट में उन्हें किसी भी खिलाड़ी के हाथों हार का सामना नहीं करना पड़ा। आधिकारिक टूर्नामेंट परिणामों के मुताबिक अधिराज ने 7 मुकाबले जीते और 4 मुकाबले ड्रॉ खेले। उनका प्रदर्शन रेटिंग के लिहाज से भी बेहद मजबूत रहा।
देशभर के खिलाड़ियों के बीच हासिल किया पहला स्थान
36वीं नेशनल अंडर-17 चेस चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खिलाड़ी शामिल हुए। प्रतियोगिता में ओपन वर्ग में अधिराज मित्रा ने पहला स्थान हासिल किया। तमिलनाडु के हरिदेव एस दूसरे और चंडीगढ़ के वेदांत गर्ग तीसरे स्थान पर रहे।
प्रतियोगिता का आयोजन जम्मू के बरनाई स्थित कांगड़ा फोर्ट बैंक्वेट हॉल में किया गया था। टूर्नामेंट 11 राउंड के स्विस सिस्टम के तहत खेला गया।
झारखंड और जमशेदपुर के लिए गर्व का पल
अधिराज मित्रा की यह उपलब्धि उनके परिवार के साथ-साथ झारखंड, पूर्वी सिंहभूम और जमशेदपुर के लिए भी गर्व का विषय है। कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी सफलता हासिल कर अधिराज ने एक बार फिर साबित किया है कि झारखंड की युवा खेल प्रतिभाएं देशभर में अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं।
अधिराज की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन, लगातार अभ्यास और रणनीतिक सोच की अहम भूमिका रही है। राष्ट्रीय स्तर पर कड़े मुकाबलों के बीच अजेय रहते हुए खिताब जीतना उनकी शतरंज प्रतिभा और मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
2027 की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का भी मिला रास्ता
नेशनल अंडर-17 चैंपियनशिप के शीर्ष तीन बालक और बालिका खिलाड़ियों का चयन 2027 में होने वाली विश्व, एशियन और कॉमनवेल्थ प्रतियोगिताओं के लिए किया गया है। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रायोजन मिलने की जानकारी दी गई है।
अधिराज मित्रा की इस ऐतिहासिक जीत से झारखंड के शतरंज प्रेमियों में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि राज्य के दूसरे युवा शतरंज खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।











