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चंद्रयान-3 ने अपने दो लक्ष्य कर लिए हासिल, अब इस काम को अंजाम देने निकला प्रज्ञान

By admin

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सोशल  संवाद / डेस्क : चंद्रयान-3 ने सॉफ्ट लैंडिंग और रोवर की चहलकदमी के साथ ही अपने दो टार्गेट पूरे कर लिए हैं. अब चांद की सतह पर असल काम शुरू हुआ है. लैंडिंग पॉइंट के आसपास के पत्थरों की जांच करेगा और सतह पर पानी की मौजूदगी का पता लगाएगा. चंद्रयान-3 का विक्रम और प्रज्ञान चांद पर अपना काम सटीक तरीके से कर रहा है. इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन के तीन में से दो उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे उद्देश्य के तहत वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं. स्पेस ऑर्गेनाइजेशन ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के सभी पेलोड सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. चंद्रयान ने जिन दो उद्देश्यों को हासिल किए हैं उनमें सफल सॉफ्ट लैंडिंग और रोवर की चहलकदमी शामिल है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शनिवार को वैज्ञानिकों से मिलने इसरो पहुंचे थे. पीएम ने चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग की तारीख 23 अगस्त के दिन को अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया. पीएम ने लैंडर के लैंडिंग पॉइंट को ‘शिवशक्ति’ नाम दिया है. इनके अलावा चंद्रयान-2 ने चांद पर अपने निशान छोड़े थे, जिसे प्रधानमंत्री ने तिरंगा पॉइंट नाम दिया है. चंद्रयान-2 मिशन का उद्देश्य चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की खोज करना था, जिस काम को अब चंद्रयान-3 अंजाम देगा.

विक्रम लैंडर के साथ चांद पर पहुंचा प्रज्ञान दो पेलोड्स से लैस है, जो चांद की सतह की स्टडी करेगा. इसमें LASER स्पेक्ट्रोस्कोप और एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर लगा है. लेजर चांद की सतह पर मौजूद तत्वों की क्वालिटी और क्वांटिटी के बारे में बताएगा और चांद की सतह के बारे में और भी ज्यादा एक्सप्लोर कर इसकी जानकारी इसरो को देगा.

इनके अलावा एक्स-रे यह देखेगा कि क्या चांद पर मैग्नीशियम, एल्युमिनियम, सिलिकन, पोटाशियम, कैल्शियम, टाइटेनियम और आइरन के एलिमेंटल कंपोजिशन के बारे में पता लगाएगा. लैंडर के आसपास पड़े पत्थरों की स्टडी करेगी. यह साफ करेगा कि चांद पर मौजूद क्रेटर में क्या पानी के कण मौजूद हैं?

चांद के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग की इस बड़ी सफलता के बाद इसरो मनमुग्ध है. इसके चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि भारत और भी अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने के लिए सक्षम है. प्रधानमंत्री मोदी का स्पेस सेक्टर को लेकर लॉन्ग-टर्म विजन है और इसे पूरा करने के लिए इसरो पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने बताया कि हमने सिर्फ सॉफ्ट लैंडिंग का ही लक्ष्य हासिल नहीं किया, बल्कि चंद्रयान-3 के सभी पहलुओं को 100 फीसदी पूरा किया. पूरा देश इससे खुश है और हमें दुआएं दे रहा है.

 

 

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