February 24, 2024 5:49 pm

रांची से अयोध्या धाम तक सीधी फ्लाइट शुरू करने की मांग, सिंहभूम चैम्बर ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा पत्र

सोशल संवाद/डेस्क :  सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने माननीय ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, भारत सरकार को पत्र लिखकर रांची (बिरसा मुंडा हवाई अड्डे) से देश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या धाम (महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे) तक सीधी फ्लाइट शुरू करने की मांग की है।

सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष जनसंपर्क एवं कल्याण अभिषेक अग्रवाल गोल्डी एवं सचिव जनसंपर्क एवं कल्याण सुरेश शर्मा लिप्पू ने बताया की 22 जनवरी 2024 को अयोध्या धाम में राम जन्मभूमि पर श्री रामलला के नवनिर्मित भव्य मंदिर का उद्घाटन देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी के गरिमामय उपस्थित में सम्पन्न हुआ है। देश के हिंदुओं का आस्था प्रभु श्री राम से जुड़ा हुआ है, प्रदेश भर से बड़ी संख्या में दर्शनार्थी अभी से ही श्री रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। विगत दिनों हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अब लोगों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है और लोग अपने प्रभु श्रीराम के दर्शन पाने को अतिउत्साही है। पूरा देश राम की भक्ति झूमता नजर आ रहा है। 

उन्होंने बताया की मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीताजी ने झारखंड के कई क्षेत्रों को अपना निवास बनाया था। वनवास में भगवान राम के अयोध्या से रामेश्वरम तक की यात्रा में झारखंड से गुजरने और ठहरने की मान्यताओं को कई प्रमाणों से बल मिलता है। लोहरदगा- माता सीता ने बनाए थे पकवान, लोहरदगा का चूल्हा पानी। यह दामोदर नदी का उद्गम स्थल है। मान्यता है कि इस चूल्हा पानी में वनवास के दौरान माता सीता ने खाना बनाया था। गुमला- बजरंग बली का जन्म स्थान, वाल्मीकि रामायण, रामचरित मानस में आंजनधाम को माता अंजनी का निवास बताया गया है। मान्यता है कि यहीं हनुमानजी का जन्म हुआ था। गुमला के पालकोट में ही बाली के डर से ऋष्यमुक पर्वत की गुफा में सुग्रीव रहते थे। सिमडेगा- रामरेखा धाम में राम का विश्राम, मान्यता है कि वनवास में यहां श्रीराम, सीताजी, लक्ष्मण ने गुफा में विश्राम किया था। गुफा के अंदर-बाहर कई पौराणिक स्थल इसके प्रमाण हैं।

उन्होंने बताया की हवाई मार्ग से जाने वाले यात्रियों के लिए रांची के बिरसा मुंडा हवाईअड्डे से अयोध्या धाम के महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे तक सीधी उड़ान शुरू होने से राज्य के दर्शनार्थियों को सुविधा होगी। उन्होंने (बिरसा मुंडा हवाई अड्डे) से देश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या धाम तक सप्ताह में कम से कम दो या तीन बार सीधी उड़ान शुरू करने का अनुरोध किया है। पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली को भी प्रेषित की गई है।

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