June 22, 2024 11:51 am
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इस मंदिर में लग जाती है आग, माता करती है अग्नि स्‍नान

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सोशल संवाद डेस्क :  हमारे देश में ऐसे-ऐसे चमत्‍कारिक मंदिर हैं, जिनके चमत्कार देख कर यकीं करना बेहद मुश्किल है । कहीं मंदिर के खंबे हवा में झूल रहे हैं तो कहीं भगवान शराब पी रहे हैं, कहीं पानी से दीपक जल रहा है और कही भूतो के द्वारा मंदिर बने हुए है । न जाने इतने कैसे ही चमत्‍कार हमारे देश के मंदिरों में देखने को मिलते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक और चमत्‍कारिक मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जहां खुद ब खुद आग लग जाती है और देवी माँ अग्नि स्नान करती है ।

राजस्थान के ईडाणा नाम के जगह में मौजूद है ईडाणा माता का मंदिर । यहां ईडाणा माता अग्नि से स्‍नान करती है। स्‍थानीय लोग बताते हैं यहां महीने में कम से कम 2-3 बार अपने आप ही आग जलने लगती है और इस अग्नि में माता की मूर्ति को छोड़कर उनका पूरा श्रृंगार और चुनरी सब कुछ जलकर राख हो जाता है। इस अग्नि स्‍नान को देखने के लिए भक्तों का मेला लगा रहता है। अगर बात करें इस अग्नि की तो आज तक कोई भी इस बात का पता नहीं लगा पाया कि ये अग्नि कैसे जलती है  । इस मंदिर में भक्तों की खास आस्था है, क्योंकि यहां मान्यता है कि लकवे से ग्रसित रोगी यहां मां के दरबार में आकर ठीक हो जाते हैं। ईडाणा माता मंदिर में अग्नि स्नान का पता लगते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है।

मंदिर के पुजारी के अनुसार ईडाणा माता पर अधिक भार होने पर माता स्वयं ज्वालादेवी का रूप धारण कर लेती हैं। ये अग्नि धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करती है और इसकी लपटें  10 से 20 फीट तक पहुंच जाती है। इस चमत्‍कारिक अग्नि को स्‍वयं अपनी आंखों से देख चुके लोग बताते हैं कि इसकी खास बात यह है कि आज तक श्रृंगार के अलावा अग्नि से किसी और चीज को नुकसान नहीं पहुंचा है। इसे देवी का स्‍नान माना जाता है।

इसी अग्नि स्नान के कारण यहां मां का मंदिर नहीं बन पाया। इस मंदिर के ऊपर कोई छत नहीं है और एकदम खुले चौक में स्थित है। ऐसी मान्‍यता है कि जो भक्‍त इस अग्नि के दर्शन करते हैं उनकी हर इच्छा पूर्ण होती है। इच्छा पूर्ण होने पर भक्त  यहाँ  त्रिशूल चढाते है और साथ ही जिन लोगों के संतान नहीं होती वो दंपती यहां झूला चढ़ाने आते हैं।

यह चमत्‍कारिक मंदिर  उदयपुर शहर से 60 किमी दूर अरावली की पहाड़ियों में स्थित है। इस मंदिर का नाम ईडाणा उदयपुर मेवल की महारानी के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

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