February 24, 2024 6:35 pm

भारत में मुख्यमंत्री कैसे बनता है कोई, क्या है संविधान में व्यवस्था?

सोशल संवाद/डेस्क : पांच राज्यों में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में भाजपा ने कुछ समय लेने के बाद आखिर मुख्यमंत्रियों के नाम तय कर ही दिए.  तीनों प्रदेशों में बने मुख्यमंत्री पहली बार प्रदेश के मुखिया बन रहे हैं और वे चुनाव नतीजों से पहले  मुख्यमंत्री पद के दौड़ में नहीं थे. ऐसे में एक बार फिर भारत में मुख्यमंत्री तय किए जाने की प्रक्रिया चर्चा में आई है. आखिर किसी राज्य में कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है. क्या इसकी संवैधानिक प्रक्रिया  और प्रावधान क्या हैं.

तीन प्रदेशों के नए मुख्यमंत्री
यह कोई पहली बार नहीं है कि किसी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के बड़े नेताओं की छोड़ कर एक तरह से चर्चा में नहीं रहने वाले किसी व्यक्ति को प्रदेश के नेतृत्व के लिए चुना है. राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहली बार जयपुर के सांगनेर से पहली बार विधायक बने हैं,  तो वहीं मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन से पहली बार विधायक बने हैं. छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुनकुरी के विधायक हैं और वे दो बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके हैं.

संविधान में मुख्यमंत्री का उल्लेख
भारत में मुख्यमंत्री को चुनने की प्रक्रिया भारत के संविधान में निर्धारित की गई है. संविधान में मुख्यमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया को विस्तार से नहीं बताया गया है. इसके मुताबिक देश में मुख्यमंत्री की नियुक्ति की वही प्रक्रिया है जो भारत के संघ में प्रधानमंत्री की नियुक्ति की है और संविधान के अनुच्छेद 164 में बताया गया है कि राज्य का राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करेगा.

मुख्यमंत्री की नियुक्ति
अनुच्छेद 164 में यह भी लिखा है कि मुख्यमंत्री के साथ अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री की सलाह से राज्यपाल ही करेगा. वहीं मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया जिस तरह से देश की संसद में प्रधानमंत्री की है उसी प्रकार प्रदेश में विधानसभा में मुख्यमंत्री का दर्जा होता है. संविधान के मुताबिक प्रधानमंत्री लोकसभा के सबसे बड़े दल के नेता होता है और वह तक पद पर रह सकता है जबतक कि वह लोकसभा में बहुमत कायम रखता है.

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