May 21, 2024 6:29 am
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वृन्दावन का प्रेम मंदिर : प्रेम के प्रतिक इस मंदिर में शादी के बाद आप भी एक बार जरूर जाएं

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सोशल संवाद /डेस्क :  आपने मथुरा और वृंदावन के कई मंदिरों के बारे में तो सुना होगा, उनका इतिहास, उनकी आकर्षक वास्तुकला लोगों को बेहद आकर्षित करती है। लेकिन वृंदावन में मौजूद प्रेम मंदिर पूरे विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस खूबसूरत मंदिर को देखने के लिए न केवल देश से बल्कि विदेश से भी लोग आते हैं। यहां की शांति और सुंदरता भक्तों को घंटों पर रुकने के लिए मजबूर कर देती है।

देखे विडियो : https://www.youtube.com/watch?v=dKzxlQLskgI

वृन्दावन का प्रेम मंदिर भगवान श्री कृष्ण-राधा और राम-सीता को समर्पित है। आपको बता दें, इस खूबसूरत मंदिर की स्थापना पांचवें जगदगुरु कृपालु महाराज द्वारा स्थापित की गई थी। मंदिर पूरे एक हजार मजदूरों द्वारा 11 सालों में बनकर तैयार हुआ है। मंदिर का निर्माण जनवरी 2001 में शुरू किया गया था और इसका उद्घाटन समारोह 15 फरवरो 2012 को किया गया था। फिर 17 फरवरी को इसे भक्तों के लिए खोल दिया गया था। मंदिर की ऊंचाई 125 फीट है और लंबाई 122 फीट है। वहीं मंदिर की चौड़ाई करीबन 115 फीट है। मंदिर संगमरमर के पत्थरों से बना है, जो कि इटली से मंगवाए गए थे।

प्रेम मंदिर में 94 कलामंडित स्तम्भ हैं, जो मंदिर की खूबसूरती में चार-चांद लगा रहे हैं। इसकेअलावा मंदिर की सतरंगी रौशनी भी भक्तों को बेहद आकर्षित करती है। इस मंदिर में देश के लोगों के अलावा विदेशों से भी कई लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। होली और दीवाली पर तो यहां का नजारा देखने लायक होता है।

मंदिर में स्थापित श्री कृष्ण की झांकियां  बेहद खूबसूरत हैं। साथ ही सीता-राम का खूबसूरत फूल बंगला भी देखने लायक है। मंदिर में फव्वारे, श्रीकृष्ण और राधा की झांकियां, श्रीगोवर्धन धारणलीला, कालिया नाग दमनलीला, झूलन लीलाएं बहुत ही खूबसूरत ढंग से दिखाए गए मंदिर को इतना भव्य और दिव्य बनाया गया है कि इस मंदिर में आकर एक बार राधा कृष्ण की छवि के दर्शन कर लेता है वह भक्ति में लीन हो जाता है।

मंदिर में सत्संग के लिए एक विशाल भवन का निर्माण किया गया है। जिसमें एक साथ 25000 हजार लोग बैठ सकते हैं। इस भवन को प्रेम भवन कहा जाता है। जोकि साल 2018 में आम लोगों के लिए खोल दिया गया था।

इस  मंदिर की एक खासियत ये भी है कि आपको ये दिन में एकदम सफेद दिखाई देगा और शाम के समय रोशनी के बीच मंदिर का रंग कुछ अलग ही नजर दिखाई देता है। यहां पर स्पेशल लाइटिंग लगाई गई है, इसकी वजह से हर 30 सेकेंड में आपको मंदिर का रंग बदला हुआ लगेगा।

अगर आप ट्रेन से वृंदावन आ रहे हैं तो यह 12 किलोमीटर की दूरी पर है। मथुरा रेलवे स्टेशन से ऑटो के जरिए आप प्रेम मंदिर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप अपने निजी वाहन से आ रहे हैं और यमुना एक्सप्रेसवे आपका रूट है तो आप माट एक्सप्रेसवे कट से वृंदावन में एंट्री कर सकते हैं।

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